Sparking of Spark

रोज़ ही जिंदगी का एक दिन देता है जीने को ईश्वर, 
वैसे देखा जाए तो बहुत चालाकी और होशियारी से एक दिन कम भी तो करता हे. बहुत होशियार और दिलदार है ये इश्वर एक साथ दिन देता है और साथ ही काट भी लेता है.
      खेर साहब जाने दीजिए किसी को मेरी जरूरत हो ना हो लेकिन मेरे शरीर को मेरी आत्मा की, ओर मेरी आत्मा को मेरे शरीर की हमेशा जरूरत है.
                                        –Spark Giri 

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